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मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश

इंदौर में मुख्यमंत्री ने किया शस्त्र पूजन, पुलिस सेतु ऐप का शुभारंभ

पुलिस को मिले 51 दोपहिया वाहन, भर्ती प्रक्रिया और प्रदेश के जिलों में पुलिस बैंड विकसित करने की पहल पर मुख्यमंत्री ने दी जानकारी

इंदौर में मुख्यमंत्री ने किया शस्त्र पूजन, पुलिस सेतु ऐप का शुभारंभ

क्राइम अंकुश संवाददाता | इंदौर

 

इंदौर, 20 अक्टूबर 2026। विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक एवं आधुनिक अस्त्र-शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस सेतु ऐप का शुभारंभ किया तथा सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए इंदौर पुलिस को उपलब्ध कराए गए 51 दोपहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाई।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शस्त्र पूजन भारतीय संस्कृति, शौर्य, शक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा, समाज के कष्ट दूर करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दायित्व से जुड़ा है।

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मां कालका की आराधना की। उन्होंने तलवार, भाला, एके-47 सहित अन्य अस्त्र-शस्त्रों, पुलिस वाहनों और अश्वों का पूजन किया। उन्होंने शस्त्रागार का अवलोकन किया तथा कन्या पाद पूजन भी किया। महिला पुलिस दल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

 

पुलिस सेतु ऐप से पुलिस तक पहुंचना होगा आसान

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस सेतु ऐप का शुभारंभ किया। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, इस ऐप के माध्यम से नागरिक अपने स्थान के आधार पर संबंधित पुलिस थाने, ड्यूटी अधिकारियों और संपर्क सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने इंदौर पुलिस के इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि इसकी उपयोगिता को देखते हुए भविष्य में इसे प्रदेश स्तर पर लागू करने पर भी विचार किया जा सकता है।

 

सीएसआर के तहत इंदौर पुलिस को मिले 51 दोपहिया वाहन

 

होंडा इंडिया फाउंडेशन ने आइडियल ट्रैफिक सेफ सिटी परियोजना के अंतर्गत इंदौर पुलिस को 51 दोपहिया वाहन उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार पोस्टर का विमोचन भी किया गया।

 

कार्यक्रम में इंदौर पुलिस की नशामुक्ति संबंधी जनजागरूकता गतिविधियों पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

 

पुलिस विभाग में 18,500 पदों पर भर्ती का निर्णय

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस सहित विभिन्न विभागों में मानव संसाधन और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने पुलिस विभाग में 18,500 पदों पर भर्ती के निर्णय की जानकारी दी। साथ ही कहा कि आगामी दो वर्षों में रिक्त पदों को भरने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न विभागों में कुल 85 हजार पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने आगामी वर्ष को युवा वर्ष के रूप में मनाने की बात कही। युवाओं के लिए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की विशेष परीक्षा जनवरी-फरवरी में आयोजित करने की योजना का भी उल्लेख किया।

 

उन्होंने पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधनों, नई जांच पद्धतियों, फॉरेंसिक सुविधाओं और संशोधित आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

 

प्रदेश के जिलों में पुलिस बैंड विकसित करने की पहल

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों पर पुलिस परेड की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है। इसके लिए 750 पदों पर भर्ती किए जाने की बात भी उन्होंने कही।

 

उन्होंने पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर चौबीसों घंटे नागरिकों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उनके परिवारों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति संवेदनशील है।

 

इंदौर पुलिस के नवाचारों की जानकारी

 

कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इंदौर पुलिस की विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता केंद्र में अब तक 1,150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 85 प्रतिशत से अधिक का निराकरण किया गया है। उनके अनुसार, इन मामलों में लगभग 7 करोड़ 82 लाख रुपये की राशि से जुड़े विवाद आपसी सहमति से सुलझाए गए हैं।

 

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सेफ क्लिक चैटबॉट के माध्यम से 17 हजार से अधिक नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया है। बड़े आयोजनों, भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए 19 ड्रोन से सुसज्जित डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट का उपयोग किया जा रहा है।

 

उन्होंने यह भी बताया कि नवरात्रि के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 15 शक्ति मोबाइल तैनात की गई थीं। इनका उद्देश्य देर रात घर लौटने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित आवागमन में सहायता देना था।

 

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में 1,721 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई है, जबकि पूरे प्रदेश में पुलिस विभाग में 27,500 से अधिक पदोन्नतियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक, नवाचार और जनकल्याण के माध्यम से पुलिस सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं।

 

शस्त्र पूजन का सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश

 

मुख्यमंत्री ने विजयादशमी को असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताते हुए कहा कि भगवान श्रीराम और मां दुर्गा से जुड़ी परंपराएं समाज को धर्म, साहस और नारी शक्ति का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि शस्त्रों का पूजन उनके प्रति सम्मान के साथ-साथ उनके जिम्मेदार उपयोग की प्रेरणा भी देता है।

 

मुख्यमंत्री ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए इंदौर प्रशासन और पुलिस विभाग को आयोजन तथा नवाचारों के लिए बधाई दी।

 

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, आईजी अनुराग, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में सशस्त्र पुलिस बल के बैंड ने धार्मिक गीतों और भजनों की प्रस्तुतियां भी दीं।

 

स्रोत: मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी जानकारी।

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