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सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश

सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, इंदौर में शक्ति प्रदर्शन के मायने

बड़ा गणपति मंदिर से बिजासन माता मंदिर तक निकली यात्रा में उमड़े श्रद्धालु, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

सुदर्शन गुप्ता के संकल्प की चुनरी थामे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ढाई किलोमीटर की यात्रा के बाद माँ बिजासन को अर्पित की श्रद्धा की चुनरी।
सुदर्शन गुप्ता के संकल्प की चुनरी थामे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ढाई किलोमीटर की यात्रा के बाद माँ बिजासन को अर्पित की श्रद्धा की चुनरी।

इंदौर | क्राइम अंकुश विशेष संवाददाता अमित सोनी

 

इंदौर। नवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता द्वारा आयोजित विशाल चुनरी यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। प्रसिद्ध बड़ा गणपति मंदिर से प्रारंभ हुई यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए एरोड्रम क्षेत्र स्थित माँ बिजासन माता मंदिर पहुँची। आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

 

यात्रा के दौरान जगह-जगह स्वागत किया गया और पुष्पवर्षा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था व्यक्त की। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह का वातावरण दिखाई दिया। आयोजक सुदर्शन गुप्ता के संकल्प से जुड़ी चुनरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने थामा। लगभग ढाई किलोमीटर की यात्रा के बाद चुनरी माँ बिजासन को अर्पित की गई।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवरात्रि को शक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति का पर्व बताते हुए प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, समानता और सद्भाव की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

यात्रा में हेमंत खंडेलवाल, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ और महेंद्र हार्डिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, आकाश विजयवर्गीय, गोपीकृष्ण नीमा, प्रताप करोसिया, सावन सोनकर, सुमित मिश्रा और श्रवण सिंह चावड़ा सहित अन्य लोग भी आयोजन में उपस्थित रहे।

 

विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 में आयोजन के राजनीतिक मायने

 

धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन का एक राजनीतिक संदर्भ भी चर्चा में है। पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता की ओर से आयोजित यात्रा में मुख्यमंत्री की सहभागिता और बड़े स्तर पर हुई जनभागीदारी को इंदौर के राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में भी देखा जा सकता है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 में गुप्ता की पूर्व राजनीतिक भूमिका को देखते हुए यह आयोजन उनकी सार्वजनिक सक्रियता का संकेत माना जा सकता है।

 

हालाँकि, इस आयोजन को उनकी राजनीतिक वापसी या शक्ति प्रदर्शन का निश्चित संकेत कहना अभी जल्दबाजी होगी। इसके लिए स्थानीय राजनीतिक प्रतिक्रियाओं, आयोजन के व्यापक प्रभाव और आगे की गतिविधियों को भी देखना होगा। धार्मिक आयोजन की आस्था और उससे जुड़े राजनीतिक विश्लेषण के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है।

 

क्राइम अंकुश का जन-सरोकार

 

धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, सहभागिता और सद्भाव को मजबूत करने का अवसर देते हैं। साथ ही, सार्वजनिक जीवन से जुड़े ऐसे आयोजनों के सामाजिक और राजनीतिक मायनों को समझना भी जरूरी है। किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले तथ्यों, प्रतिक्रियाओं और परिस्थितियों का निष्पक्ष आकलन ही पत्रकारिता की विश्वसनीयता का आधार है।